दिल्ली हाईकोर्ट ने Amazon और Flipkart को आदेश दिया है कि वे अपने प्लेटफॉर्म से रिलायंस और जियो नाम पर बेचे जा रहे नकली FMCG प्रोडक्ट्स हटाएं। जानिए क्या है पूरा मामला।
🛒 हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: रिलायंस-जियो नाम से बिक रहे नकली प्रोडक्ट्स पर रोक
दिल्ली हाईकोर्ट ने Amazon, Flipkart और अन्य ई-कॉमर्स कंपनियों को निर्देश दिया है कि वे अपने प्लेटफॉर्म से वे सभी FMCG प्रोडक्ट्स हटाएं जो रिलायंस इंडस्ट्रीज़ के ‘Reliance’ और ‘Jio’ ट्रेडमार्क का उल्लंघन कर रहे हैं।
🚫 नकली ब्रांडिंग पर लगाम, विक्रेताओं को भी नोटिस
जस्टिस सौरभ बनर्जी ने एक अंतरिम आदेश में कई विक्रेताओं को—जिनमें पवन कुमार गुप्ता शामिल हैं—13 नवंबर तक रिलायंस और जियो के नाम से कोई भी उत्पाद बनाने, बेचने या प्रमोट करने से रोक
साथ ही, ई-कॉमर्स कंपनियों को निर्देश दिया गया है कि वे सभी ऐसे विक्रेताओं की जानकारी कोर्ट को उपलब्ध कराएं, जो इस ग़ैरकानूनी गतिविधि में शामिल पाए गए हैं।
⚖️ “ब्रांड की नकल से ग्राहक धोखे में पड़ सकते हैं” – कोर्ट
कोर्ट ने कहा कि इन विक्रेताओं ने रिलायंस के लोगो और ब्रांडिंगरिलायंस इंडस्ट्रीज़ द्वारा बनाए गए हैं।
“जब ग्राहक ऑनलाइन खरीदारी करते हैं, तो वे ब्रांड नाम और लोगो के आधार पर ही उत्पाद की असली पहचान करते हैं। अगर नकली ब्रांड की बिक्री जारी रही, तो इससे कंज्यूमर सेफ्टी
🛍️ ऑनलाइन खरीददारों के लिए चेतावनी
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि अगर इस तरह का भ्रम बना रहा, तो ग्राहक यह मान सकते हैं कि ये प्रोडक्ट रिलायंस द्वारा अधिकृत या बनाए गएरिलायंस से जुड़ा हुआ समझ बैठते हैं।
📝 रिलायंस ने खुद दायर की याचिका
यह मामला रिलायंस इंडस्ट्रीज़‘Reliance’ और ‘Jio’ ट्रेडमार्कFMCG प्रोडक्ट्स बेच रहे हैं।
इन उत्पादों में पोहा, गेहूं का आटा, मखाना, दालें, नमक1960 के दशक में ‘Reliance’2011 में ‘Jio’
रिलायंस खुद फ्रूट्स, सब्ज़ियां, डेयरी प्रोडक्ट्स और रोज़मर्रा की ग्रॉसरी
✅ निष्कर्ष: नाम बड़ा, पर माल नकली – कोर्ट की सख्ती ज़रूरी
दिल्ली हाईकोर्ट के इस फैसले से साफ है कि अब ब्रांड सुरक्षा को लेकर सख्ती बढ़ाई जा रही है। जो भी विक्रेता बड़े नामों का गलत इस्तेमाल करके ग्राहकों को गुमराह करेंगे, उन पर अब कानूनी कार्रवाई होगी।
📢 ग्राहक क्या करें?
अगर आप ऑनलाइन शॉपिंग करते हैं तो केवल ब्रांड नाम देखकर भरोसा न करें। प्रोडक्ट की असलियत, विक्रेता की पहचान और रिव्यू चेक करें। नकली ब्रांडिंग से बचना आपकी ही सुरक्षा के लिए ज़रूरी है।
यह लेख एक चल रहे कानूनी मामले पर आधारित है। अंतिम निर्णय आने तक किसी भी ब्रांड या व्यक्ति को दोषी मानना उचित नहीं होगा।
