UIDAI का बड़ा कदम – ऑफलाइन आधार KYC अब और भी सुरक्षित और आसान
भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने आधार आधारित पहचान प्रक्रिया को ज्यादा सुरक्षित, यूज़र-फ्रेंडली और देशभर के फिनटेक सेक्टर में व्यापक रूप से लागू करने के लिए बड़ा फैसला लिया है। UIDAI की इस नई पहल का मकसद है कि लोग अपनी आधार संख्या या निजी जानकारी साझा किए बिना ही KYC (Know Your Customer) प्रक्रिया पूरी कर सकें।
UIDAI अब KYC को ऑफलाइन तरीके से आसान बनाने के लिए QR कोड और PDF फॉर्मेट को बढ़ावा देगा, जिससे दस्तावेज़ साझा करना और प्रबंधन करना कहीं ज्यादा सरल हो जाएगा।
🔸 डाटा चोरी और ग़लत इस्तेमाल पर UIDAI सख्त, कई स्टार्टअप वेबसाइटें ब्लॉक
इस कदम की जरूरत इसलिए पड़ी क्योंकि हाल ही में UIDAI और इलेक्ट्रॉनिक्स व सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने कई स्टार्टअप वेबसाइटों को ब्लॉक कर दिया था। इन पर ग़ैर-कानूनी तरीके से आधार डाटा एक्सेस करने का आरोप था।
इसका सीधा असर फिनटेक, फूड डिलीवरी और ई-कॉमर्स सेक्टर्स पर पड़ा, जहां गिग वर्कर्स और ब्लू-कॉलर कर्मचारियों की पहचान के लिए आधार पर भारी निर्भरता थी। कई NBFCs और फिनटेक कंपनियों को नए ग्राहकों को जोड़ने में परेशानी का सामना करना पड़ा।
UIDAI अब इस पूरे सिस्टम को अधिकृत एजेंसियों के ज़रिए ही नियंत्रित करना चाहता है – जैसे कि Aadhaar Authentication Agencies और KYC User Agencies।
🔸 नया क्या है? जानिए नए नियम और उनके फायदे
UIDAI ने मौजूदा सिस्टम में कई अहम बदलाव किए हैं:
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XML की जगह अब QR कोड और PDF फॉर्मेट से KYC होगा, जिससे डाटा शेयर करना आसान होगा।
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बायोमेट्रिक या OTP की जरूरत नहीं होगी, जिससे दूर-दराज़ के इलाकों में रहने वाले यूज़र्स को सुविधा मिलेगी।
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यह पूरी प्रक्रिया केवल उपभोक्ता की सहमति से ही होगी।
UIDAI अब तीन तरह की KYC को प्रमोट करता है:
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इलेक्ट्रॉनिक KYC (OTP आधारित) – इसमें आधार संख्या साझा करनी पड़ती है, ज़्यादातर बैंक और बीमा कंपनियों द्वारा इस्तेमाल किया जाता है।
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बायोमेट्रिक KYC – इसमें सामने जाकर फिंगरप्रिंट या रेटिना स्कैन होता है।
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ऑफलाइन KYC (पहले XML, अब QR/PDF) – बिना आधार नंबर बताए डाटा शेयर किया जा सकता है।
UIDAI अब ऐसे अनऑथोराइज्ड स्टार्टअप्स पर कार्रवाई कर रहा है जो ग़ैरकानूनी तरीके से ऑफलाइन KYC सर्विस दे रहे थे। अब केवल वही कंपनियां यह सेवा दे पाएंगी जो UIDAI से अधिकृत हों।
🔸 डिजिटल इंडिया में आधार KYC बनेगा गेम चेंजर
UIDAI की इस पहल से उम्मीद है कि बैंक, स्टार्टअप्स और फिनटेक कंपनियां अब नए नियमों के साथ तेजी से इस प्रक्रिया को अपनाएंगी। इससे ग्राहकों की प्राइवेसी भी बचेगी और पूरा सिस्टम ज़्यादा भरोसेमंद बनेगा।
पहचान सत्यापन करने वाले स्टार्टअप्स अब सरकारी गाइडलाइंस का पालन करते हुए अधिकृत एजेंसियों से जुड़कर काम करना चाह रहे हैं। इससे उनकी सर्विस भी जारी रहेगी और नियमों का पालन भी होगा।
📌 निष्कर्ष: अब आधार का इस्तेमाल ज़्यादा सुरक्षित – जानिए आपकी क्या ज़िम्मेदारी है
UIDAI ने साफ कर दिया है कि अब कोई भी कंपनी या ऐप आपकी जानकारी बिना आपकी सहमति के नहीं ले सकता। इसलिए:
✅ हमेशा ऑफलाइन KYC करते समय देखें कि सेवा देने वाली कंपनी UIDAI से अधिकृत है या नहीं।
✅ QR कोड या PDF के ज़रिए डाटा साझा करने पर ध्यान दें।
✅ OTP या बायोमेट्रिक तभी दें जब ज़रूरी हो और भरोसेमंद प्लेटफॉर्म हो।
📣 उपभोक्ताओं के लिए सलाह:
डिजिटल पहचान अब और भी आसान और सुरक्षित बन रही है, लेकिन सतर्कता आपकी जिम्मेदारी है। किसी भी लिंक या ऐप को आधार जानकारी न दें जब तक उसका स्रोत पूरी तरह से भरोसेमंद न हो।
